भारत में, पहाड़ी क्षेत्रों को छोड़ कर आम लगभग सभी स्थानों पर पैदा होता है। हमारे यहाँ आम की सैंकड़ों किस्में है। यह आकार और रंगों में अलग-अलग होते हैं। भारत में आम की फ़सल अति प्राचीनकाल से उगाई जाती रही है। आम को अनंत समय से भारत में उगाया जाता रहा है। विश्व के अनेक देशों में आम की अलग-अलग जाति होती है। फिर भी हिंदुस्तान का प्रसिद्ध फल आम ही है। आँकड़ों के मुताबिक इस समय भारत में प्रतिवर्ष एक करोड़ टन आम पैदा होता है जो दुनिया के कुल उत्पादन का 52 फ़ीसदी है। स्वाद, स्वास्थ्य एवं बल संवर्धन की दृष्टि से आम सभी फलों में आगे है। आम भिन्न-भिन्न जाति के होते हैं। किन्तु सभी आमों के गुण प्रायः एक से ही होते हैं।
आम भारत के लोकगीतों और धार्मिक अनुष्ठानों से अनिवार्य रूप से जुड़ा है। कविकालिदास ने इसकी प्रशंसा में गीत लिखे हैं। अलेक्ज़ॅन्डर ने इसका स्वाद चखा है और साथ ही चीनी धर्म यात्री हुएन-सांग ने भी। मुग़ल बादशाह अकबर ने बिहार केदरभंगा में 1,00,000 से अधिक आम के पौधे रोपे थे, जिसे अब 'लाखी बाग़' के नाम से जाना जाता है। स्वयं बुद्ध को एक आम्रकुंज भेंट किया गया था, ताकि वह उसकी छाँव में विश्राम कर सकें।